सार्थक Leave a Comment / शीशे और पत्थर का गणित / By admin सार्थक मशाल की तरह जलकररास्ता नहीं दिखला सकतेन सही। अगरबत्ती की तरहमहक करसुगन्धित तो कर सकते होपरिवेश को।