अनकहा दर्द
अभिव्यक्ति के माध्यम अनेक हैशब्दों की शक्ति भी अनन्त हैपर कथ्य जो कीमती है –वह तो अनकहा रह गया। सागर में नावें अनेक हैगोताखोरों का साहस भी असीम हैपर मोती …
अभिव्यक्ति के माध्यम अनेक हैशब्दों की शक्ति भी अनन्त हैपर कथ्य जो कीमती है –वह तो अनकहा रह गया। सागर में नावें अनेक हैगोताखोरों का साहस भी असीम हैपर मोती …
बड़ों के पाँव छूने का रिवाज़इसलिए अच्छा हैकि उनके पैरों का छाले देखकरऔर बिवाईयाँ छुकरतुम जान सकोंकि जिंदगी उनकी भीकठिन थीऔरकैसे कैसे संघर्षों में चलते रहें हैं वें। बदलें मेंवे …
फिरबजी नेताजी का भाषण परचमचों की तालीफिरहोने लगी शब्द बे-असरअर्थ से ख़ाली। फिरबिचौलिए देने लगेमूँछों पर ताव-फिरआसमान छूने लगेंजरुरी चीजों के भाव। फिरशक्ति-प्रदर्शन के लिएहोने लगी रैलियाँफिररिश्वत के लिएखुलने लगीं …
साधारण बातचीत में भीउसके चेहरे परतनाव बना रहता हैऔर माथे की शिरायेंअलग दिखाई देती है –उभरी हुई जैसे वो किसी बहस मेंभाग ले रहा होवह लगातार बोलता रहता है।(सहज बातों …
अगरखामोश हैं आप सबतो मैं ही बता दूँउनका परिचय – वेंकुल तीन हैंऔर उनका जमा जमायाएक ही कलर कासीक्वेंस हैं। जो बैठा हैसबसेऊँची कुर्सी परवो है सत्ता का ‘बादशाह’ उसके …